कमेटी पर लगे आरोप बेबुनियाद,आरोप सिद्ध हुए तो देंगे इस्तीफा-डॉक्टर इरशाद मसूद

कमेटी पर लगे आरोप बेबुनियाद,आरोप सिद्ध हुए तो देंगे इस्तीफा-डॉक्टर इरशाद मसूद

 

रुड़की (गोल्डन टाइम्स संवाददाता )रहमानिया मदरसे की  कमेटी का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। दो दिन पहले कमेटी के सदस्य और कुछ लोगों के वक्फ कमेटी कार्यालय में हंगामे के बाद कमेटी के चेयरमैन डॉक्टर इरशाद मसूद मीडिया के सामने आए और कमेटी के ऊपर  लगे भर्ष्टाचार के सभी आरोपो को बेबुनियाद बताया। डॉ इरशाद मसूद ने  बड़ी बेबाकी के साथ कहा कि कमेटी में किसी भी तरह का कोई भरष्टाचार नहीं है और ना ही कमेटी के सदस्यों  में कोई मतभेद हैं।उन्होंने कहा कि कुछ लोग उनको  एक साजिश के तहत फसाना चाहते हैं जिसमे वो कभी कामियाब नहीं होंगे।डॉ इरशाद मसूद ने कहा कि  कुछ लोग उनको बदनाम करने का काम कर  रहे हैं जबकि कमेटी ने कब्रिस्तान की  दुकानों का किराया बढ़ाने का निर्णय लिया है लेकिन कुछ दुकानदारों को ये मंज़ूर नही है जिसके चलते सभी दुकानदार इस निर्णय के विरोध में आ गए हैं। वक्फ कमेटी के चैयरमैन डॉ इरशाद मसूद ने दो टूक कहा कि  अगर किसी व्यक्ति ने उनके मान सम्मान को ठेस पहुंचाने की कोशिश की तो वो इसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नही करेंगे और मजबूरन उन्हें कानून का सहारा लेना पड़ेगा। प्रेस वार्ता के दौरान डॉक्टर इरशाद मसूद ने कहा कि कुछ आप पार्टी के नेता वक्फ कमेटी के बारे में भ्रामक प्रचार कर पूरी कमेटी को बदनाम कर रहे हैं इतना ही नही अब व्यक्तिगत रूप से भी कमेटी के लोगो को निशाना बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके साथ जो हुआ उसकी जितनी भी निंदा की जाए उतनी कम है। मसूद ने कहा कि अगर किसी व्यक्ति को शिकायत थी तो वो लिखित में कमेटी से जानकारी हासिल कर सकता था लेकिन अगर कोई व्यक्ति अभद्र व्यवहार करेगा तो उसके खिलाफ वो सख्त कार्यवाही करेंगे। डॉक्टर इरशाद मसूद ने कहा कि उनकी कमेटी द्वारा रहमानिया मदरसे में बड़े पैमाने पर कार्य हुए हैं जिसे रुड़की शहर के लोग भली भांति वाकिफ हैं। इरशाद मसूद ने कहा कि अब वो उम्र के अंतिम पड़ाव हैं और रहमानिया की कमेटी द्वारा मदरसे में कुछ करना चाहते हैं उन्होंने कहा की रहमानिया मदरसे में काफी काम किए हैं जो आगे भी जारी रहेंगे।उन्होंने कहा कि अभी तालीमी काम और भी किए जाने बाकी हैं। कौम के तालीमी काम को बढ़ावा देने और गरीब लोगों की मदद के लिए भी वो अपने स्तर से कार्य लगातार कर रहे हैं।लेकिन कुछ लोग उनके इस कार्य मे बाधा डालना चाहते है।उन्होंने कहा कि माशरे की वहबूदी के लिए वक्फ कमेटी इस बार बड़े पैमाने पर विकास करेगी।इरशाद मसूद ने कहा कि शहर की जनता सब कुछ जानती है और लोग बेहद ज़िम्मेदार भी हैं । उन्होंने बड़ी ईमानदारी से कहा कि अगर उनकी कमेटी में उन पर ज़रा भी कोई भरष्टाचार का आरोप सिद्ध कर दे तो वो अपने पद से तुरंत त्यागपत्र वक्फ बोर्ड को भेज देंगे। पत्रकारों के सवालों के जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि वो 14 जुलाई को मदरसे में अपने कार्यालय में बैठे हुए थे तभी कमेटी के सदस्य रिज़वान कौसर अचानक अपने साथ आप पार्टी के नेता शारिक अफ़रोज़, सैयद शिराज मेहंदी, शहर के कुछ लोग जिनमे मुस्तकीम अहमद, अब्दुल मलिक, हारून, हाजी महबूब, असलम कुरैशी, मोहम्मदअसलम, नदीम अहमद, और शम्सुल हसन आए और उनके कार्यालय में जोरदार तरीके से झगड़े पर उतारू हो गए। और कमेटी की बैठक बुलाने का दबाव बनाकर उल्टे सीधे आरोप लगाने लगे। डॉक्टर इरशाद ने कहा कि सभी लोगों ने उनके कार्यालय में जमकर उतपात मचाया और यहां तक कि उनके कार्यालय में ताला बंदी कर दी जिसके चलते उन्हें मजबूरन अपने कार्यालय से जान बचाकर लौटना पड़ा। डॉक्टर इरशाद मसूद ने कहा कि उन्होंने पूरे मामले की शिकायत सूबे के सीएम वक्फ बोर्ड के सीईओ के साथ साथ सभी अधिकारियों से की है। उन्होंने कहा कि कमेटी के तमाम रिकॉर्ड भी उसी कार्यालय में मौजूद है अगर किसी तरह का कोई नुकसान कमेटी को होता है तो इसके तमाम ज़िम्मेदार वो ही हंगामा करने वाले लोग होंगे।उन्होंने कहा कि अगस्त माह में कमेटी की बैठक बुलाई जाएगी।इस मौके पर प्रमुख समाजसेवी सादात मसूद,सचिव ज़ाकिर त्यागी, शाकिर अली, आफताब एडवोकेट, रिज़वान अली, अरशद अली, मौलाना अरशद साहब आदि बड़ी संख्या में शहर के ज़िम्मेदार लोग मौजूद रहे। भी तरह का कोई भरष्टाचार नहीं है और ना ही कमेटी के सदस्यों  में कोई मतभेद हैं।उन्होंने कहा कि कुछ लोग उनको  एक साजिश के तहत फसाना चाहते हैं जिसमे वो कभी कामियाब नहीं होंगे।डॉ इरशाद मसूद ने कहा कि  कुछ लोग उनको बदनाम करने का काम कर  रहे हैं जबकि कमेटी ने कब्रिस्तान की  दुकानों का किराया दुकानदारों की सहमति के मुताबिक बढ़ाने का निर्णय लिया था जिसके लिए दुकानदारों ने दस प्रतिशत किराया बढ़ाने का शपथ पत्र तक भी दिए थे। लेकिन कुछ दुकानदारों को ये मंज़ूर नही है जिसके चलते कुछ दुकानदार अपने ही निर्णय के विरोध में आ गए हैं। वक्फ कमेटी के चैयरमैन डॉ इरशाद मसूद ने दो टूक कहा कि  अगर किसी व्यक्ति ने उनके मान सम्मान को ठेस पहुंचाने की कोशिश की तो वो इसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नही करेंगे और मजबूरन उन्हें कानून का सहारा लेना पड़ेगा।प्रेस वार्ता के दौरान डॉक्टर इरशाद मसूद ने कहा कि कुछ आप पार्टी के नेता वक्फ कमेटी के बारे में भ्रामक प्रचार कर पूरी कमेटी को बदनाम कर रहे हैं इतना ही नही अब व्यक्तिगत रूप से भी कमेटी के लोगो को निशाना बना रहे हैं।उन्होंने कहा कि उनके साथ जो हुआ उसकी जितनी भी निंदा की जाए उतनी कम है।मसूद ने कहा कि अगर किसी व्यक्ति को शिकायत थी तो वो लिखित में कमेटी से जानकारी हासिल कर सकता था लेकिन अगर कोई व्यक्ति अभद्र व्यवहार करेगा तो उसके खिलाफ वो सख्त कार्यवाही करेंगे।डॉक्टर इरशाद मसूद ने कहा कि उनकी कमेटी द्वारा रहमानिया मदरसे में बड़े पैमाने पर कार्य हुए हैं जिसे रुड़की शहर के लोग भली भांति वाकिफ हैं।शहर की जनता सब कुछ जानती है उन्होंने बड़ी ईमानदारी से कहा कि अगर उनकी कमेटी में उन पर ज़रा भी कोई भरष्टाचार का आरोप सिद्ध कर दे तो वो अपने पद से तुरंत त्यागपत्र वक्फ बोर्ड को भेज देंगे। पत्रकारों के सवालों के जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि वो 14 जुलाई को मदरसे में अपने कार्यालय में बैठे हुए थे तभी कमेटी के सदस्य रिज़वान कौसर अचानक अपने साथ आप पार्टी के नेता शारिक अफ़रोज़,सैयद शिराज मेहंदी,शहर के कुछ लोग जिनमे मुस्तकीम अहमद,अब्दुल मलिक, हारून,हाजी महबूब,असलमकुरैशी,मोहम्मदअसलम,नदीम अहमद,और शम्सुल हसन आए और उनके कार्यालय में जोरदार तरीके से झगड़े पर उतारू हो गए।और कमेटी की बैठक बुलाने का दबाव बनाकर उल्टे सीधे आरोप लगाने लगे।डॉक्टर इरशाद ने कहा कि सभी लोगों ने उनके कार्यालय में जमकर उतपात मचाया और यहां तक कि उनके कार्यालय में ताला बंदी कर दी जिसके चलते उन्हें मजबूरन अपने कार्यालय से जान बचाकर लौटना पड़ा।डॉक्टर इरशाद मसूद ने कहा कि उन्होंने पूरे मामले की शिकायत सूबे के सीएम वक्फ बोर्ड के सीईओ के साथ साथ सभी अधिकारियों से की है।उन्होंने कहा कि कमेटी के तमाम रिकॉर्ड भी उसी कार्यालय में मौजूद है अगर किसी तरह का कोई नुकसान कमेटी को होता है तो इसके तमाम ज़िम्मेदार वो ही हंगामा करने वाले लोग होंगे।उन्होंने कहा कि अगस्त माह में कमेटी की बैठक बुलाई जाएगी।इस मौके पर प्रमुख समाजसेवी सादात मसूद, शाकिर अली, आफताब एडवोकेट,रिज़वान अली,अरशद अली,मौलाना अरशद साहब आदि बड़ी संख्या में शहर के ज़िम्मेदार लोग मौजूद रहे।

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